national insurance company mediclaim policy | नेशनल इंश्योरेंस कंपनी मेडिक्लेम पॉलिसी

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national insurance के मेडिक्लेम पॉलिसी प्लान की पूरी डिटेल देंगे। इसको हम चार भागों में बांटकर आपको समझाएंगे

1. पहला कंपनी का प्रोफाइल

2.मेडिक्लेम बेनिफिट लेने के लिए आवश्यकताएं।

3. वेटिंग पीरियड

4.प्लान के फीचर्स

national insurance कंपनी भारत देश की सबसे पुरानी जनरल इंश्योरेंस कंपनी है। नेशनल  इंश्योरेंस की शुरुआत 1907 में हुई थी। प्लान में आप T.P.A यानि थर्ड पार्टी एजेंट की सर्विस लेना चाहते हैं या नहीं यह आप प्लान लेते समय ही डिसाइड कर सकते हैं। नैशनल  इंश्योरेंस के पास 200 से ज्यादा कैशलेस हॉस्पिटल्स हैं आपने अगर पहले से मेडिक्लेम लिया हुआ है तो नेशनल इन्श्योरेंस का प्लान पोर्टेबिलिटी द्वारा ले सकते हैं  जिससे आपकी सेनियरिटी भी नहीं जाएगी। । मेडिक्लेम से सेक्शन 21 डी के तहत आपको पूरी डेढ़ लाख सेविंग के बाद भी इंकम टैक्स में फायदा मिलेगा। कैशलेस हॉस्पिटल को एक एडिशनल बेनिफिट नैशनल या अन्य किसी भी medical policy में नियम बसमेट्रो सभी कॉमन टैक्स नाइस हॉस्पिटल्स का होता है परंतु नियम बेसमेंट बहुत T.D.S यानि कठिन काम होता है। सरल शब्दों में जितने ज्यादा कैशलेस हॉस्पिटल उतनी सुख एवं शांति। ये सारी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारी कवर करता है लेकिन ये प्लान क्रिटिकल इलनेस कवर करने के लिए एक्स्ट्रा प्रीमियम मांगता है। मैंने कुछ फेमिली साइज के अनुसार नैशनल परिवार प्लान का पॉलिसी लिख दिया है। ये मैंने जोन 1 के अनुसार प्रीमियम लिखा है। हो सकता है आपको ये प्रीमियम ज्यादा लगे पर यही सही। मैं आपको प्लान की एक महत्वपूर्ण कंडिशन बताता हूं। ये प्लान अगर आप जोन 1 का लेते हैं तो आप पूरे देश में पूरे इलाज का खर्चा ले सकते हैं लेकिन अगर आप जोन 2 या जोन 3 का प्लान लेते हैं तो मुम्बई या गुजरात में इलाज कराने पर आपको को पेमेंट करना पड़ सकता है। इसको आप ग्रुप प्लान प्रीमियम से कंपेयर ना करें। ग्रुप प्लान सभी कंपनीज में होते हैं।

2. mediclaim benefit lene ke liye avashyakta मेडिक्लेम बेनिफिट लेने के लिए आवश्यकताएं।

नैशनल परिवार प्लान के बारे में। इसका फायदा कब मिलेगा इसका फायदा लेने के लिए आपको 24 घंटे हॉस्पिटल होना आवश्यक है। बनकटी को डिफाइन इंडेक्स ऐसे मरीज भी ये प्लान कवर करता है जैसे कैटरेक्ट मोतियाबिंद का जिसमें 24 घंटे हॉस्पिटलाइजेशन नहीं होता उनका भी क्लेम मिल जाता है लेकिन 90 पर्सेंट केसेस में 24 घंटे हॉस्पिटलाइजेशन आवश्यक के। एक बार आप 24 घंटे हॉस्पिटल हुए तो आपको 30 दिन का प्री हॉस्पिटलाइजेशन एवं 60 दिन का पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन भी मिलेगा। इस प्लान में तीन साल के वेटिंग पीरियड के बाद मैटरनिटी बेनिफिट भी मिलता है लेकिन उस पर से नॉर्मल डिलीवरी पर कंपनी आपको 30 लाख रुपए मैक्सिमम देगी एवं सिजेरियन डिलीवरी पर 50 हजार रुपये मैक्सिमम। इसमें आपको यानी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक का पैसा भी मिलता है जिस पर लिमिट काफी अच्छी पूरे सोमेश्वर तक। इसके लिए भी आपको गोमूत्र यूनाइटेड आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में एडमिट होना आवश्यक है।

3. Waiting period वेटिंग पीरियड

हम किसी भी कंपनी का मेडिक्लेम लेते हैं तो उसमें वेटिंग पीरियड अवश्य होते हैं। वेटिंग प्रॉडक्ट्स के अलावा अन्य फीचर्स अलग अलग कंपनीज में अलग अलग हो सकते हैं किन्तु वेटिंग पीरियड सभी कंपनीज में कॉमन होते हैं। कुछ विशेष प्लान या ग्रुप प्लांस में ये एक्स्ट्रा प्रीमियम पर विवाद या हटाए भी जा सकते हैं लेकिन उन प्लांस का प्रीमियम अधिक होता है। ग्रुप प्लांस की जानकारी के लिए आप हमारा दूसरा विडियो देख सकते हैं। इसका लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में लिखा है। वेटिंग पीरियड दरअसल पेड़ा इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा प्रमाणित होते हैं इसलिए सभी प्लान्स में औसतन बराबर होते हैं रेट्स कौन कौन से होते हैं आइए हम आपको बताते हैं। पहला अगर आज मेडिक्लेम प्लान लिया तो एक दिन के बाद से एक्सिडेंट का कवर चालू होता है। दूसरा एक महीने बाद से डिवाइस का कवर चालू होता है। डिजीज मतलब छोटी से छोटी।

जैसे मलेरिया टाइफाइड या कोई सीजन की बीमारी और बड़ी से बड़ी यानि कैंसर हार्टअटैक से लेकर बड़ी से बड़ी बीमारियां। तीसरा दो साल का वेटिंग पीरियड। इसमें कौन कौन सी बीमारियां 2 साल तक कवर नहीं होतीं। पहली यह कि कोई भी डिजीज या निकालना गले की कोई डिजीज पाइल्स बवासीर स्टोन पथरी कैटरेक्ट मोतियाबिंद स्पाइन की प्रॉब्लम यानि रीढ़ की हड्डी की प्रॉब्लम अपेंडिक्स हार्निया नी ट्रांसप्लांट घुटनों का ट्रांसप्लांट ये सारी चीजें आपकी 2 साल तक कोई करनी होगी। चौथा वेटिंग पीरियड 4 साल का ये वेटिंग पीरियड उन लोगों पर लागू होगा जो अपनी कोई पुरानी डिजीज डिक्लेयर करते हैं जो कहलाएगी। प्री एग्जिस्टिंग डिजीज यानी पीढ़ी यानी कैसे अगर मुझे मेडिक्लेम लेने से पहले बीपी की प्रॉब्लम है तो मैं उसमें करूंगा कि मुझे बीपी की प्रॉब्लम कब से है और वो बीपी की प्रॉब्लम मेरी 4 साल तक हो जाइए। यानि 4 साल तक मुझे उसका कोई पैसा नहीं मिलेगा। इन वेटिंग बेड्स के खत्म होने के बाद उन पर्टिकुलर बीमारियों का को पूरा हंड्रेड परसेंट पैसा मिलता है।

4. Plan Features प्लान के फीचर्स

प्लान के कुछ और बेनिफिट्स निम्नलिखित हैं। सालभर कोई क्लेम नहीं आने पर कंपनी आपको समय का 5 पर्सेंट नो क्लेम बोनस देती है। इससे आपका प्लान 5 पर्सेंट और सोमेश्वर तक मैक्सिमम बढ़ सकता है यानि 5 लाख का प्लान मैक्सिमम 5 लाख 25 रात हो जाएगा। इसमें आपको फ्री हेल्थ चेकअप के लिए प्रत्येक चार साल में 5000 रुपये तक मिलता है। इसमें एक हॉस्पिटल कैश का अच्छा बेनिफिट जिसके अनुसार हॉस्पिटल होने पर नैशनल कंपनी आपको हॉस्पिटल के क्लेम के अलावा 300 रुपये प्रतिदिन अलग देगी। ये सुविधा एक वर्ष में मैक्सिमम 5 दिन तक की मिलेगी। इस प्लान के। श्री से तक एवं श्रीमंत से सीनियर्स के बच्चे इसमें जोड़ सकते हैं। यानि अगर बच्चे 18 साल के ऊपर हो जाएंगे तो उनका प्लान आपको अलग लेना पड़ेगा। इस प्लान में दो कंडीशंस हमें नेगेटिव लगी। पहली नेगेटिव कंडीशन में आईसीयू लिमिट पर। इसमें आपको सोमेश्वर का केवल दो परसेंट प्रतिदिन ही मिलेगा। दूसरी अगर आपको डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी डिजीज है तो आपको कोई पेमेंट 25 परसेंट रहेगा एवं 30 परसेंट प्रीमियम एक्स्ट्रा लगेगा। प्री एग्जिस्टिंग डिजीज वैसे ही चार साल के वेटिंग पीरियड के बाद फायदा मिलता है लेकिन उसके बाद भी कॉपी में ओवरलोडिंग इस प्लान को थोड़ा नेगेटिव बनाता है। 25 परसेंट को पेमेंट का मतलब पिछले 70 परसेंट कमेटी देगी एवं 25 परसेंट आपको मिलाना पड़ेगा। कुछ और जरूरी लिमिट्स निम्नलिखित हैं। पहला इसमें रूम चार्जेस के लिए समय शॉट का एक परसेंट मिलता है वो भी मैक्सिमम 3000 रुपए एवं एम्बुलेंस चार्जेस के लिए मैक्सिमम 1000 रुपए मिलता है

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